रीवा के गांधी स्मृति चिकित्सालय में गायनी ओटी में ऑपरेशन के दौरान आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। अधूरे ऑपरेशन में महिला को तो बचा लिया गया, लेकिन नवजात को ओटी में ही छोड़ दिया गया, जिससे वह आग में जल गया। एक्सपायरी फायर उपकरण और शॉर्ट सर्किट ने अस्पताल की गंभीर लापरवाही उजागर की है।
सतना-मैहर मार्ग पर भारी वाहनों के भीषण जाम में एंबुलेंस फंसने से एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। इलाज में देरी के कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। दोनों बच्चों को चूहों ने काटा था। अस्पताल प्रशासन ने इन मौतों का कारण चूहों को काटने को नहीं बताया है, बल्कि उनकी गंभीर हालत को जिम्मेदार ठहराया है। यह लेख इस पूरी घटना, आरोपों और सरकार की प्रतिक्रिया पर विस्तार से जानकारी देता है।
इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नवजात शिशु इकाई (NICU) में भर्ती दो नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लिया। इस घटना में एक नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस लापरवाही के लिए ड्यूटी नर्स को निलंबित कर दिया गया है और जांच कमेटी का गठन किया गया है।
सिंगरौली जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में प्रसूता के ऑपरेशन के दौरान नवजात को गर्भ में ही कई जगह कट लग गया। नवजात को मृत हालत में बाहर निकाला गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर जल्दबाजी और लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि सिविल सर्जन ने इसे गर्भ में ही नवजात की मौत बताया।
सतना जिला अस्पताल में 9 जुलाई को भर्ती कराए गए जुड़वा नवजातों की इलाज के दौरान भूख और कुपोषण से मौत हो गई। मां अंचल शुक्ला अस्पताल में भर्ती के बाद रहस्यमय तरीके से लापता रही, जिससे बच्चों को मां का दूध भी नहीं मिल सका। दो दिन तक शव बिना परिजनों के मर्चुरी में रखे रहे।

















